भारत की बड़ी जीत: कतर में बंद 8 भारतीय पूर्व नौसैनिकों की हुई रिहाई, 7 भारत पहुंचे
कतर जेल में बंद भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को रिहा कर दिया गया। 8 में से 7 पूर्व नौसैनिक भारत पहुंच गए। इस रिहाई को भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व नौसैनिकों को कतर कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। भारत के लगातार प्रयास करने के बाद ही कतर ने पूर्व नौसैनिकों को छोड़ा। जेल से रिहा होने वाले पूर्व नौसैनिकों के परिजन खुश हैं।

नई दिल्ली। भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है। कतर ने आठ भारतीय पूर्व नौसैनिकों को रिहा कर दिया है। वे जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे थे। उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। भारत के अनुरोध पर उनकी सजा को कतर के अमीर ने पहले ही कम कर दिया था और उम्रकैद में बदल दिया था। अब विदेश मंत्रालय ने बताया कि उन्हें रिहा कर दिया गया है और इनमें सात पूर्व नौसैनिक भारत भी लौट आए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार कतर में हिरासत में लिए गए दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है। उन आठ में सात भारत लौट आए हैं। हम इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी को सक्षम करने के लिए कतर राज्य के अमीर के फैसले की सराहना करते हैं।
अगस्त 2022 में गिरफ्तार किए गए थे पूर्व नौसैनिक
अलदहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज और कंसल्टेंसी सर्विसेज के साथ काम करने वाले पूर्व भारतीय नौसैनिकों को भ्रष्टाचार और जासूसी के एक मामले में कथित रूप से शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया था। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कतर के साथ बातचीत कर उन्हें कानूनी मदद दी गई। 26 अक्टूबर को कतर की एक अदालत ने उन आठ भारतीय नागरिकों को मौत की सजा सुनाई, जिन्हें अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
इन 8 पूर्व नौसैनिकों को को मिली आजादी
भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों में कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश शामिल हैं, जो कतर में अलदाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी में काम कर रहे थे, जो कि रक्षा सेवा प्रदान करने वाली कंपनी है।
मोदी के हस्तक्षेप के संभव नहीं था: परिजन
भारत लौटे पूर्व नौसैनिक अधिकारियों में एक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बगैर उनकी रिहाई संभव नहीं थी। उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद भारत माता की जय के नारे लगाए। सभी पूर्व अधिकारियों ने पीएम मोदी और कतर के अमीर का भी धन्यवाद दिया। एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि उनकी रिहाई बिना भारत सरकार की कोशिशों के मुमकिन नहीं था।